सभी 6 ऋतुओं के नाम हिंदी में – Name of Seasons in Hindi | information and Essay

आज हम आपको 6 ऋतुओं के नाम (Name of seasons in Hindi) के बारे में बताने वाले हैं और भारत में पाई जाने वाली इन ऋतुओं की पूरी लिस्ट (Indian seasons name in Hindi list) आपको देने वाले हैं। आप इस आर्टिकल में दिए गये लाइनों का उपयोग ऋतुओं पर निबंध (Essay on Seasons in Hindi) लिखने के लिए भी सकते हैं।

जैसा की आप जानते हैं की अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार एक वर्ष में 12 महीने होते हैं और 3 प्रकार के मौसम होते हैं:

  1. गर्मी (Summer)
  2. सर्दी (Winter)
  3. बरसात (Rainy seasons)
लेकिन भारत में कितने प्रकार की ऋतु पाई जाती है? जब हम हिंदी में ऋतुओं की बात करते हैं तो यहाँ पर हिन्दू कैलेंडर यानि विक्रम संवत् में 6 प्रकार के ऋतुएं (six types of seasons in Hindi) पायी जाती हैं जो की कुछ इस प्रकार हैं:
  1. शीत ऋतु या शिशिर ऋतु
  2. बसंत ऋतु
  3. ग्रीष्म ऋतु
  4. वर्षा ऋतु
  5. शरद ऋतु
  6. हेमंत ऋतु
यहाँ एक ऋतु 2 महीने की होती है यानि हिन्दू पंचाग में अंग्रेजी कैलेंडर के 12 महीनो को 2-2 ऋतुओं में बांटा गया है।

भारत के 6 ऋतुओं के नाम – Name of Six Seasons in Hindi

 क्र. ऋतुओं के नाम    अंग्रेजी नाम  हिन्दू महीने  अंग्रेजी महीने     
 1 शीत ऋतु Winter माघ से फाल्गुन जनवरी-फरवरी
 2 बसंत ऋतु Spring चैत्र से वैशाख मार्च-अप्रैल
 3 ग्रीष्म ऋतु Summer ज्येष्ठ से आषाढ मई-जून
 4 वर्षा ऋतु Rainy श्रावन से भाद्रपद जुलाई-अगस्त
 5 शरद ऋतु Autumn आश्विन से कार्तिक सितम्बर-अक्टूबर
 6 हेमंत ऋतु Pre Winter मार्गशीर्ष से पौष नवम्बर-दिसम्बर

 

ऋतुओं के बारे में जानकारी – Essay on Seasons in Hindi

चलिए अब आपको इन मौसमो यानि ऋतुओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं।

शीत ऋतु या शिशिर ऋतु (Winter Season in Hindi):

जनवरी से फरवरी के माह को शीत ऋतु कहा जाता है इस दौरान मौसम बहुत ही ठंडा होता है और कई इलाकों में बर्फ़बारी भी होती है। इस ऋतु में दिन छोटे और रातें लम्बी होती हैं।
कई लोग इस मौसम को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि यह बहुत ही सुहाना होता है और नही बरसात चिंता होती है और न ही गर्मी की। लोग ठंड से बचने के लिए ऊनी कपडे पहनते हैं और रात में कम्बलों में दुबक कर बड़े आराम से सोते हैं। शायद यही वजह है की यह मौसम कई सारे लोगों को पसंद आता है।
लेकिन अगर हम पहाड़ी इलाकों की बात करें तो वहां हमेशा तापमान कम होता है पर शीत ऋतु में वहां के लोगों को काफी परेशानी होती है क्योंकि ठंडक और भी ज्यादा बढ़ जाती है और कही-कहीं तो बर्फ़बारी भी होती है, नदिया-नाले जमने लगते हैं।

बसंत ऋतु (Spring Season in Hindi):

सर्दी का मौसम बसंत ऋतु में खत्म होता जाता है। इस महीने में प्रकृति में हरियाली दिखाई देने लगती है, पौधों और पेड़ों में नये-नये फूल और पत्ते आते हैं, तितलियाँ खेतों में उडती हैं, कोयल भी मधुर आवाजें निकालतीं हैं। इस मौसम में न तो अधिक ठण्ड होती है और न ही अधिक गर्मी, मौसम खुशनुमा होता है।
अगर हम अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार देखें तो यह ऋतु मार्च से अप्रैल तक रहती है, वहीँ हिन्दू कैलेंडर में इन दो महीनो को चैत्र और वैशाख कहा जाता है।

ग्रीष्म ऋतु (Summer Season in Hindi):

बसंत ऋतु जाने के बाद मौसम बदलने लगता है और तापमान बढ़ना शुरू हो जाता है। अप्रैल से ही कुछ गर्मियों का अहसास शुरू हो जाता है और मई-जून के महीने में यह चरम पर पहुँच जाता है। इस ऋतु में दिन की लम्बाई बढ़ जाती है और रातें छोटी हो जाती हैं।
दिन समय तेज धूप दिखाई देता है और गर्म हवाएं भी चलने लगती हैं जिन्हें लू कहा जाता है। नदी, नाले, तालाब आदि सूख जाते हैं।
बच्चों को यह बहुत पसंद होता है क्योंकि इन महीनो में स्कूल-कॉलेज बंद रहते हैं और गर्मियों की छुट्टियाँ शुरू हो जाती हैं।

वर्षा ऋतु (Rainy Season in Hindi):

श्रावन यानी सावन के महीना आते-आते बरसात शुरू हो जाती है और ग्रीष्म काल में सूखे हुए नदी-तालाब, अलाशय फिर से भरने लगते हैं। जुलाई से शुरुआत होने वाली इस ऋतू का इंतज़ार हर किसान को होता है ताकि वह अपने खेतों में फिर से हल चला कर फसल की बोआई शुरू कर सके।
भीषण गर्मी के बाद यह मौसम ठंडक और शुकून प्रदान करता है और यह बरसात सिर्फ हम इंसानों के लिए ही नही बल्कि सम्पूर्ण जीव-जंतुओं के लिए आवश्यक है।

शरद ऋतु (Autumn Season in Hindi):

सितम्बर से अक्टूबर तक रहने वाले सीजन को शरद ऋतू कहते हैं। अगर हिन्दू कैलेंडर की बात करें तो यह मौसम आश्विन से कार्तिक तक होता है। वर्षा ऋतू के जाने के बाद यह मौसम आता है और पेड़ों के पत्ते झड़ने शुरू हो जाते हैं इसीलिए इसे पतझड़ का मौसम भी कहा जाता है। अगर तापमान की बात करें तो इस सीजन में न तो ज्यादा सर्दी होती है और न ही ज्यादा गर्मी, तापमान सामान्य होता है।

हेमंत ऋतु (Pre-Winter Season in Hindi):

हल्के गुलाबी जाड़े का यह मौसम नवम्बर में आता है तब तापमान घटने लगते हैं और यह ऋतू सर्दी के मौसम की शुरुआत करता है। यह दो महीने की अवधि होती है जिसे हिंदी में मार्गशीर्ष और पौष नाम दिया गया है। इस मौसम में पेड़-पौधे हरे-भरे हो जाते हैं। पूरा वातावरण आनंदमय हो जाता है। सुबह-सुबह कोहरे दिखाई देते हैं। लोग घरों के बाहर धुप सकते हैं और मौसम का मज़ा लेते हैं।
आपको यह आर्टिकल (ऋतुओं के नाम हिंदी मेंName of Seasons in Hindi) कैसा लगा जरुर बताएं। आप इसे ऋतुओं पर निबंध (Essay on Seasons in Hindi) लिखने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं।

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