ग्रीष्म ऋतु पर निबंध लिखना चाहते हैं? यदि हाँ, तो यह आर्टिकल आपके काम की है। यहाँ पर हम आपको गर्मी के मौसम पर निबंध दे रहे हैं जो की बहुत ही आसान है। यहाँ पर आपको ग्रीष्म ऋतु के बारे में 100 शब्द, 200 शब्द, 400 शब्द का निबंध मिलेगा जो की सरल भाषा में लिखे गये हैं। यह निबन्ध class 1, class 2, class 4, class 8 से लेकर हर प्रकार के छात्रों के लिए उपयोगी है।

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध – 100 शब्दों में [For Class 1, 2, 3]

ग्रीष्म ऋतु में मौसम बहुत ही गर्म हो जाता है। गर्मी से बचने के लिए घरों में पंखे, कूलर आदि का उपयोग किया जाता है। इस मौसम में धुप बहुत तेज होती है और दोपहर में घर से बाहर जाना मुश्किल हो जाता है। दोपहर में गर्म हवाएं चलती हैं जिसे लू कहा जाता है। लू लगने पर व्यक्ति बीमार हो जाता है इसलिए लोग दोपहर के समय अपने घरों से बाहर नही निकलते हैं।

लेकिन बच्चों को यह ऋतु बहुत ही पसंद है क्योंकि इसी मौसम में गर्मी की छुट्टियाँ होती हैं। जब गर्मी की छुट्टियाँ होती हैं तो बच्चे अपने मामा के घर या गाँव-शहर से बाहर कहीं घूमने के लिए जाते हैं। गर्मी के महीनों में बच्चों को खेलने-कूदने, घूमने-फिरने और मस्ती करने का मौक़ा मिलता है। स्वादिष्ट आम, तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी आदि फल भी इसी मौसम में मिलते हैं। हमारे पर्यावरण के लिए गर्मी का मौसम बहुत ही जरुरी है इस मौसम में विषैले कीटाणु मर जाते हैं।

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध – 250 शब्दों में | Essay on summer season in Hindi

हमारे देश में 6 प्रकार की ऋतुएं पायी जाती हैं। ग्रीष्म ऋतु ठण्ड के मौसम के बाद आता है। मार्च के महीने से ठण्ड कम होने लगती है और गर्मी बढ़नी शुरू हो जाती। जून के महीने में गर्मी अपने चरम पर पहुँच जाती है। जुलाई में जब बारिश होती है तो हमें गर्मी से राहत मिलती है। गर्मी के कारण कुएं, तालाब, नदियाँ आदि सूख जाती हैं। जब जलाशयों में पानी कम हो जाता है तो पशु-पक्षी भी प्यास से तड़पने लगते हैं।

बहुत अधिक गर्मी पड़ने बार-बार पसीने के रूप में पानी हमारे शरीर से बाहर आता रहता है जिसके कारण हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी की कमी को पूरा करने के लिए हमें समय-समय पर पानी पीते रहना चाहिए। इसके अलावा हम फलों का जूस, गन्ने का रस, नीबू पानी, शरबत, लस्सी आदि भी पी सकते हैं जो की हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं।

ग्रीष्म ऋतू में दिन लम्बी और रातें छोटी हो जाती हैं। अत्यधिक गर्मी पड़ने पर जमीने सूख जाती हैं, पेड़-पौधे मर जाते हैं, पानी की समस्या शुरू हो जाती है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। ऐसे में हर किसी को बारिश के मौसम का इंतजार होता है।

जहाँ एक तरफ लोग गर्मी से परेशान होते हैं वहीँ स्कूल-कॉलेज में पढ़ें वाले बच्चे बहुत खुश होते हैं क्योंकि इसी मौसम में उन्हें लम्बे समय के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है। इन छुट्टीयों में बच्चे घूमने जाते हैं, खेल खेलते हैं, मस्ती करते हैं। इसलिए कहा जा सकता है की ग्रीष्म ऋतु बच्चों का सबसे प्यारा मौसम है।

गर्मी के मौसम पर निबंध – 300 शब्दों में For Class 5-8

प्रस्तावना

हमारे देश भारत में गर्मी का मौसम चार महीने के लिए होता है। मार्च से जून तक का महिना ग्रीष्म ऋतु कहलाता है। जैसा की हमें पता है की हमारी पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करता है, जब पृथ्वी घूमकर सूरज की तरफ झुकता है तो गर्मी का मौसम आ जाता है। इस मौसम में चिलचिलाती हुई धुप और तेज गर्मी पड़ती है जिसकी वजह से सूखा पड़ने लगता है। पेड़-पौधे, पशु-पक्षी सभी प्यास और गर्मी से व्याकुल हो जाते हैं। घर से बाहर निकलना मुश्किल होता है। तेज गर्मी में बाहर निकलने से लू लगने और बीमार पड़ने का खतरा रहता है।

ग्रीष्म ऋतु की विशेषताएं

हर ऋतु की अपनी-अपनी अलग विशेषताएं होती हैं। ग्रीष्म ऋतु अपनी गर्मी से भले ही हमें परेशान करता हो लेकिन यह हमारे पर्यावरण के लिए के लिए जरुरी है। फलों का राजा आम हमें इसी मौसम में खाने को मिलता है इसके अलावा लीची, तरबूज, ककड़ी, खरबूज जैसे स्वास्थ्यवर्धक और स्वादिष्ट फल भी हमें इसी मौसम में मिलते हैं। गर्मी के आने से जमीन में रहने वाले जहरीले कीटाणु भी मर जाते हैं। कहा जाता है की जिस वर्ष तेज गर्मी पड़ती है उस साल बारिश भी अच्छी होती है।

ग्रीष्म ऋतु के लाभ और हानि

गर्मी के मौसम में हम सबका प्यारा फल हमें खाने को मिलता है। आम कच्चा हो या पका हुआ हमें बहुत ही स्वादिष्ट लगता है। इसी मौसम में स्वादिष्ट लीची भी खाने को मिलती है। तरबूज-खरबूज, खीरा-ककड़ी जैसे ठंडे फल तो इस मौसम के लिए वरदान हैं, इन्हें खाकर हमारे शरीर को ठंडक मिलती है। गर्मी के दिनों में गन्ने का रस, जूस, लस्सी, शिकंजी, नारियल पानी आदि बड़ी आसानी से मिल जाते हैं। गर्मी के दिनों में आइसक्रीम, बर्फ के गोले, कुल्फी आदि खाना कौन पसंद नही करता। अगर ग्रीष्म ऋतु नही हो तो इन सबका आनंद हम नही उठा पायेंगे इसलिए ग्रीष्म ऋतु का अपना खास महत्व है।

अगर हम ग्रीष्म ऋतु से हानि की बात करें तो इस मौसम में तेज गर्मी और धुप पड़ती है और यही इस मौसम की सबसे बड़ी हानि है। चिलचिलाती धुप और तेज गर्मी की वजह से हमारे शरीर से पसीना बहता है। नदी, तालाब, झरने, कुएं और पानी के अन्य स्त्रोत गरमी की वजह से सूख जाते हैं। हम मनुष्यों के अलावा अन्य जीव-जंतु और पेड़ पौधे भी इस गर्मी से परेशान हो जाते हैं। तेज धुप में लू की हवाएं चलती हैं जिससे घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।

ग्रीष्म ऋतु पर निबंध हिंदी में – 400 शब्दों में

हम सभी को पता है की पृथ्वी के झुकाव की वजह से मौसम में परिवर्तन आता है। पृथ्वी का जो भाग सूरज की ओर झुकता है वहां सूरज की धुप ज्यादा पड़ती है और वहां गर्मी का मौसम आ जाता है। मई-जून के महीने में सबसे अधिक गर्मी पड़ती है। गर्मी से बचने के लिए लोग अपने घरों में रहते हैं और पंखा, कूलर, एसी आदि का उपयोग करते हैं। अक्सर लोग शाम को अपने घरों से बाहर आना पसंद करते हैं क्योंकि इस समय धुप कम होती है और गर्मी कम हो जाती है।

मार्च-अप्रैल के महीने में स्कूल के बच्चों की परीक्षाएं खत्म हो जाती हैं। अगली कक्षा में प्रवेश लेने से पहले बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश दिया जाता है। मई-जून के महीने में बच्चों की छुट्टियाँ होती हैं जिसका बच्चों को बेसब्री से इंतज़ार रहता है। बच्चे आम जैसे रसीले फलों और आइसक्रीम का मजा लेते हैं।

गर्मी से बचने के उपाय:

  • गर्मी से बचने के लिए हलके और पतले कपडे पहने।
  • गहरे रंग के कपड़े न पहने।
  • आम, तरबूज जैसे ठन्डे फलों का सेवन करें।
  • तेज धुप में बाहर न निकलें।
  • गर्म हवाओं से बचें।
  • जूस, लस्सी, गन्ने का रस, नारियल पानी आदि पियें।
  • हानिकारक कोल्ड्रिंक और पेय पदार्थों से बचें।

गर्मी के मौसम के लाभ:

  • गर्मी में हमें कई सारे फल जैसे: आम, लीची, तरबूज, खरबूज आदि खाने को मिलते हैं।
  • गर्मी के मौसम में हम गन्ने का रस, फलों का जूस, नारियल पानी आदि पीने को बड़ी आसानी से मिल जाता है।
  • आइसक्रीम, कुल्फी, बर्फ के गोले भी इसी मौसम में मिलते हैं।
  • गर्मी से अनेक प्रकार के विषैले कीट और विषाणु मर जाते हैं।
  • गर्मी के दिनों में बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता है।
  • गर्मी की छुट्टी मिलने पर लोग ठन्डे स्थानों पर घूमने जाते हैं।

गर्मी के मौसम से हानि:

  • तेज गर्मी की वजह से तालाब, नदी, झरने, कुएं आदि सूख जाते हैं।
  • तेज धूप की वजह से घरो से बाहर जाना मुश्किल हो जाता है।
  • गर्म हवाओं से लू लगने का खतरा रहता है।
  • हमारे शरीर से गर्मी की वजह से पसीना निकलने लगता है।
  • शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे बार-बार प्यास लगता है।
  • पशु-पक्षी भी तेज गर्मी से परेशान हो जाते हैं।

गर्मी के मौसम पर निबंध आपको कैसी लगी? हमें जरुर बताएं। इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। इस ग्रीष्म ऋतु पर निबंध का उपयोग class 1 से 8 तक या कोई भी कर सकता है। आप जरुरत के अनुसार 100 शब्द, 200 शब्द, 400 शब्द या जितना चाहें उतने शब्दों में निबंध लिख सकते हैं।

गर्मी के मौसम पर 10 वाक्य निबंध – Short Essay on Summer Season in Hindi

  1. गर्मी के मौसम में तेज धूप पड़ती है और वातावरण में गर्मी बढ़ जाती है।
  2. दोपहर में गर्म हवाएं चलती हैं जिसे लू कहा जाता है।
  3. गर्मी की वजह से नदी-तालाब आदि सूख जाते हैं।
  4. मार्च के महीने से गर्मी का मौसम शुरू होता है और जून तक रहता है।
  5. ग्रीष्म ऋतु में राते छोटी और दिन लम्बे हो जाते हैं।
  6. लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में कूलर, पंखे और एसी आदि लगवाते हैं।
  7. गर्मी के दिनों में आम, लीची, तरबूज आदि फल खाने को मिलते हैं।
  8. स्कूल के बच्चों को ग्रीष्मकालीन अवकाश दिया जाता है।
  9. गर्मी से जमीन सूख जाती है जिससे खेती नही हो पाती।
  10. पेड़-पौधे, पशु-पक्षी तेज गर्मी से व्याकुल हो जाते हैं और बारिश का इंतजार करते हैं।

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