जी हाँ! पौधे भी शाकाहारी और मांसाहारी होते हैं। कुछ विशेष प्रकार के पौधे कीट-पतंगों का शिकार करते हैं और ऐसे पौधे कीटभक्षी, शिकारी पौधे या मांसाहारी पौधे के नाम से जाने जाते हैं। ये पौधे कई बार हमें रहस्यमयी लगते हैं और कई फिल्मो में इन्हें बहुत ही खतरनाक भी दिखाया जाता है, आज हम आपको ऐसे ही कीटभक्षी पौधों के नाम और उनके बारे में जानकारी आपको देने वाले हैं।

मांसाहारी पौधे की खोज सन 1875 में ही चार्ल्स डार्विन के द्वारा हो चुकी थी। कीड़े खाने वाले इन शिकारी पौधों की खोज को आज 100 साल से भी अधिक हो चुके हैं लेकिन आज भी जब हम इनके बारे में सुनते हैं तो आश्चर्यचकित हुए बिना नही रहते। पूरी दुनिया में मांसाहारी पौधों की लभग 400 प्रजातियाँ पायी जाती हैं जिनमे से लगभग 30 प्रजातियाँ भारत में पायी जाती हैं।

कीटभक्षी पौधे मांसाहारी क्यों होते हैं?

आपके दिमाग में यह जरुर आया होगा की जब बाकी अन्य पौधे मिटटी, पानी और सूरज की रौशनी से अपना भोजन बना लेते हैं तो इन पौधों को कीड़े खाने की आवश्यकता क्यूँ पड़ती है?

दरअसल पौधों को अपना विकास करने के लिए प्रोटीन की आवश्यकता पड़ती है और इसे प्राप्त करने के लिए पौधे को नाइट्रोजन मिलना चाहिए। इस प्रकार के पौधे उस स्थान पर पाए जाते हैं जहाँ नाइट्रोजन की कमी होती है और इस कामी को पूरा करने के लिए इन्हें अपने नजदीक आने वाले कीटों का भक्षण करना पड़ता है।

इन मांसाहारी पौधों में कीटों को फंसाकर उनका भोजन बनाने की एक विशेष प्रणाली होती है जो की पूरी तरह से प्राकृतिक संरचनाओं से बने होते हैं। ये कीटभक्षी पौधे अपने शिकार को पकड़ते हैं और उनमे से पोषक तत्व को अवशोषित कर लेते हैं। इनके अंदर विशेष पाचक द्रव्य का रिसाव होता है जो इन्हें पचाने का काम करते हैं।

कीटभक्षी पौधों के नाम और जानकारी

आइये ऐसे ही कुछ कीटभक्षी पौधों के नाम और उनके बारे में जानकारी लेते हैं। हमने निचे मांसाहारी पौधों के चित्र भी दिए हैं ताकि आप ऐसे पौधों की पहचान कर सकें।

  1. पिचर प्लांट (Pitcher)

इस पौधे की पत्तियां किसी घड़े या सुराही की तरह होती हैं जिसके मुंह पर ढक्कन की तरह एक पत्ती लगी होती है। कीड़ों आपको अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए इसके अंदर मीठे स्वाद वाला मकरंद निकलता है जिसकी लालच में कीट-पतंगे इसके अंदर चले जाते हैं और वहां उपस्थित तरल की वजह से फिसलकर इसके तली में गिर जाते हैं। इसके तल में एक प्रकार का पाचक द्रव्य पाया जाता है जो की अपने शिकार को पचाने का काम करता है। इस मांसाहारी पौधे का वानस्पतिक नाम नेपन्थिस खासियाना (nepenthes khasiana) है।

2. वीनस फ्लाईट्रैप (Venus fly trap)

वीनस फ्लाईट्रैप नाम के इस पौधे की पत्तियां दो भागों में बंटे होते हैं और जब कोई कीड़ा इसके बीच आ जाता है तो यह किसी दरवाजे की तरह बंद हो जाता है और कीड़े को कैद कर मार डालता है। दरअसल इनकी पत्तियों की सतह पर बालों की तरह कुछ रेशे होते हैं जो की बहुत ही संवेदनशील होते हैं और किसी के संपर्क में आने पर तुरंत ही किसी दरवाजे के कब्जे की तरह बंद हो जाते हैं। कीड़े को पूरी तरह पचा लेने के बाद ये पत्ते वापस खुल जाते हैं और नए शिकार का इन्तजार करते हैं।

3. ब्लैडरवर्ट (Bladderwort)

ब्लैडरवर्ट नाम का कीटभक्षी पौधा एक प्रकार का जलीय पौधा है जो की ज्यादातर साफ़ पानी में पाया जाता है। इस पौधे की पत्तियां, जड़, तने आपस में स्पष्ट रूप से अलग-अलग नही होते हैं। इस पौधे का अधिकांश हिस्सा पानी के निचे होता है। इसपर कई रेशेदार संरचनाएं होती हैं जो की पानी में फली रहती हैं और इनके नोक पर गुब्बारेनुमा थैलियाँ बनी होती हैं जो की छोटे-छोटे जलीय कीटों के संपर्क में आते ही खुल जाते हैं और और उन्हें फंसा लेती हैं।

4. सन ड्यू (Sundew)

इस पौधे का वानस्पतिक नाम ड्रोसेरा (drosera) है। इस पौधे की पत्तियां रेशेदार होती हैं और इनके नोक पर पानी की बूंदों की तरह द्रव्य निकलता है जो की सूरज की रौशनी में चमकता है जिससे कीड़े इसकी ओर आकर्षित होते हैं। जैसे ही कोई कीड़ा उस बूँद को छूता है वह उससे चिपक जाता है। दरअसल वह तरल द्रव्य अत्यंत चिपचिपा होता है और कीटों को चिपका लेता है। कीड़े के चिपकने और उनके छटपटाने से इनके आसपास के रेशे इन्हें जकड़ लेते हैं। शिकार के शरीर में से पोषक तत्व को अवशोषित करने के बाद रेशे वापस अपनी अवस्था में आ जाते हैं।

5. कोबरा लिली (Cobra lily)

इस पौधे का नाम कोबरा लिली इसलिए रखा गया है क्योंकि इसकी पत्तियां घुमावदार और सांप के फन की तरह होती हैं। यह पौधा बहुत ही धीमी गति से बढ़ता है। इसके फूल लाल और भूरे रंग के होते हैं। इनकी पत्तियां किसी ट्यूब की तरह खोखली होती हैं और इसकी ट्यूब में कीड़े फंस जाते हैं। यह पौधा ज्यादातर मक्खियाँ, ततैया आदि को अपना शिकार बनाती है। यदि पौधा अधिक परिपक्व है तो यह बड़े कीड़ों को भी अपना भोजन बना सकती है।

6. बटरवर्ट्स (Butterworts)

Credit – alexlomas

बटरवर्ट्स की पत्तियां एकदम सीधी और सपाट होती हैं जिसपर चिपचिपा द्रव्य लगा होता है। सन ड्यू की तरह इसके पत्ते पर पड़े द्रव्य किसी ओस के समान दिखाई देते हैं और सूरज की रौशनी में चमकते हैं और इसी वजह से कीटाणु और कीड़े इसकी तरह चले आते हैं और जैसे ही इसे छूते हैं चिपक जाते हैं और उससे निकलने के लिए जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं उतने ही और फंसते चले जाते हैं। इस कीटभक्षी पौधे में फूल भी लगते हैं जो की देखने में बहुत ही खूबसूरत होते हैं।

7. सारासीनिया (Sarracenia)

pitcher-plant

सारासीनिया नाम का यह मांसाहारी पौधा भी घटपर्णी पौधे की श्रेणी में आता है। इसकी पत्तियां भी सुराहीनुमा होती हैं और उनपर ढक्कन की तरह एक पत्ती लगी होती है। इसके अंदर तरल द्रव्यों में कीटों को फंसा कर उनका भक्षण कर लेती है। ट्यूब के आकार के पत्तों के बीच कीड़े के गिरने पर उसके बचने की कोई उम्मीद नही होती। जब भी कीड़ा बाहर निकलने की कोशिश करता है तो सुराही के अंदर मुड़े हुए बाल उसे वापस निचे धकेल देते हैं इसलिए वहां से बाहर निकल पाना किसी भी कीड़े के लिए बहुत ही मुश्किल काम है।

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आपको मांसाहारी और कीटभक्षी पौधों के बारे में यह जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरुर बताएं।

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