ज्यादातर लोगों को लगता है की आयुर्वेदिक औषधि देने वाले पेड़-पौधे बहुत ही मुश्किल से मिलते हैं और इन्हें जंगलों में ही पाया जाता है, लेकिन ऐसा नही है हमारे आसपास कई सारे पेड़-पौधें हैं जो की अपने आप में कई तरह की औषधीय गुणों से परिपूर्ण हैं।

एलोवेरा, तुलसी, गिलोय आदि के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन क्या आप ये जानते हैं की आपके आसपास कई बड़े-बड़े पेड़ ऐसे हैं जो की कई तरह के रोगों में औषधि का काम करते हैं? आज हम ऐसे ही औषधीय वृक्षों के नाम और उनके फायदे के बारे में बताने वाले हैं।

औषधि देने वाले पेड़ों के नाम

  1. नीम का पेड़
  2. अमलतास
  3. अर्जुन का पेड़
  4. कचनार का पेड़
  5. पीपल
  6. कदम्ब का पेड़
  7. अशोक पेड़
  8. बबूल
  9. बरगद
  10. आंवला
  11. जामुन
  12. बेल
  13. अमरुद
  14. निलगिरी
  15. पलाश
  16. हरड
  17. बबूल का पेड़
  18. गुंदा
  19. सहजन (मुनगा)
  20. फालसा का पेड़

औषधि देने वाले पेड़ों के नाम और उनके लाभ

नीम का पेड़

नीम के बारे में हर किसी को पता है की यह एक औषधीय पेड़ है। नीम के पत्ते से लेकर, फूल और इसके छाल तक सभी हिस्सों में प्राकृतिक रूप से औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम के पेड़ आसानी से कहीं भी मिल जाते हैं इसलिए इन का कोई भी उपयोग कर सकता है।

नीम पेड़ के फायदे

वैसे तो नीम कई सारी बीमारियों में काम आता है लेकिन आज हम नीम के कुछ फायदों के बारे में जानते हैं:

  • नीम की पत्तियां एंटीसेप्टिक की तरह काम करती हैं इसलिए यदि आप जल जाएँ या कट जाएँ या घाव हो जाये तो नीम की पत्तियों का लेप लगाने से लाभ मिलता है।
  • यह खून को साफ़ करता है और इसलिए दाद-खाज, खुजली को ठीक करने के लिए नीम बहुत ही उपयोगी है।
  • दांत दर्द, कान दर्द, सर दर्द में नीम का तेल बहुत ही गुणकारी है।
  • नीम के दातुन से दांत मजबूत होते हैं और मुख सम्बन्धी रोग ठीक होते हैं।

अमलतास का वृक्ष

अमलतास के पेड़ को ज्यादातर सजावट के लिए बाग़-बगीचे और घरों के आसपास लगाया जाता है। इसमें सुनहरे रंग के फूल लगते हैं और इनके फल बेलनाकार होते हैं। आयुर्वेद में इस पेड़ के हर हिस्से को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है। आइये अमलतास पेड़ के फायदे के बारे में जानते हैं:

amaltas-ka ped

अमलतास पेड़ के फायदे

  • यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है
  • यह कब्ज और अन्य पेट सम्बन्धी समस्याओं को ठीक करता है
  • दाद-खाज, खुजली और जलन में राहत देता है
  • चेहरे में अमलतास के फूल का लेप लगाने से सौन्दर्य बढ़ता है

अर्जुन का पेड़

अर्जुन की छाल के बारे में आपने जरुर सुना होगा यह एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि है। यह पेड़ ज्यादातर जंगलों में पाया जाता है। इसमें कैल्शियम-सोडियम प्रचुरत मात्रा में पाए जाते हैं जिसके कारण यह हृदय की मांसपेशियों के लिए अधिक लाभकारी होता है।

अर्जुन पेड़ के फायदे

  • अर्जुन की छाल ह्रदय रोग के लिए अमृत माना गया है।
  • घावों को ठीक करता है और रक्त को शुद्ध करने के काम आता है।
  • कफ और पित्त विकारों को दूर करता है।
  • मोटापा को दूर करता है।

कचनार का पेड़

कचनार को अक्सर सजावटी पेड़ के रूप में सड़क-किनारे या उद्यानों में लगाए जाते हैं लेकिन इस पेड़ के कई सारे फायदे हैं । यह एक औषधीय पेड़ है और कचनार की छाल का उपयोग कई सारे रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है इसके अलावा कई जगहों पर इसके पत्तों को साग के रूप में भी खाया जाता है।

कचनार पेड़ के फायदे

कचनार की छाल से कई प्रकार की बीमारियों में लाभ मिलता है जैसे:

  • यह शरीर में होने वाली गांठ को गलाने का काम करता है। 
  • दाद-खाज और खुजली और फोड़े-फुंसी को करे खत्म करता है।
  • मुंह के छाले, खांसी, दांत दर्द की बीमारी में लाभ होता है।
  • खून की गंदगी को खत्म करता है और शरीर को डिट्राक्स करता है।
  • एसिडिटी, कब्ज, दस्त आदि से निजात दिलाता है।

 पीपल का वृक्ष

आयुर्वेद में पीपल के पेड़ का अपना एक खास महत्व है यह कई रोगों में लाभकारी है पीपल वातावरण के कार्बन डाइआक्साईड को सोखता है और ऑक्सीजन छोड़ता है। इसका वृक्ष बहुत ही विशालकाय होता है और जड़ें फैली हुई होती हैं।

पीपल पेड़ के फायदे

आयुर्वेद में पीपल के पत्ते, फल, छाल आदि से कई बीमारियों की दवाइयां बनायीं जाती हैं जैसे:

  • पीपल की दातुन करने से दांत मजबूत होते हैं और मुख के रोगों में लाभ मिलता है।
  • पीपल के फल का चूर्ण दिन में तीन बार दूध के साथ सेवन करते रहने से यह शारीरिक कमजोरी को दूर करता है।
  • खांसी और दमा के रोग को ठीक करता है।  
  • हाथ-पांव फटने पर पीपल के पत्तों का रस या दूध लगाने से लाभ मिलता है।

कदम्ब का पेड़

इसकी ऊंचाई 20-40 फीट होती है और इसमें पीले गोलाकार फूल लगते हैं जो की देखने में बहुत ही सुन्दर दिखाई देते हैं प्राचीन ग्रन्थों में इस सुगन्धित फूल का वर्णन मिलता है कदम्ब के फूल, फल, पत्ती और छाल का उपयोग कई बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है

कदम्ब पेड़ के फायदे

  • कदम्ब के पत्ते का काढ़ा बनाकर गरारा करने से मुह का दुर्गन्ध, छाले और पायरिया में लाभ मिलता है।
  • ईसकी पत्ती,छाल,फल समान मात्रा में लेकर काढा पीने से टाईप 2 डायाबिटीज ठीक होता है।
  • इसके छाल का काढ़ा पीने से खासी ठीक होता है।
  • शरीर के घाव को भरने के लिए उपयोगी है।
  • त्वचा सम्बंधित बीमारियों में इसका उपयोग किया जाता है।

अशोक पेड़

अशोक पेड़ आपने जरूर देखा होगा इस पेड़ की पत्तियां, फूल, छाल, जड़ आदि सभी भाग का आयुर्वेदिक औषधि के रूप में उपयोग किए जाता है। महिलाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए अशोक पेड़ को एक रामबाण औषधि के रूप में माना जाता है।

अशोक पेड़ के फायदे

  • महिलाओं के मासिक धर्म अनियमित होने पर अशोक की छाल और मिश्री के सेवन से समस्या ठीक हो जाती है।
  • अशोक की छाल से बने काढ़े को पीने से पेट दर्द ठीक हो जाता है।
  • सांस के रोग में अशोक के बीच का चूर्ण बहुत ही लाभकारी होता है।
  • ऊंचा संबंधी समस्याओं में अशोक किसान बहुत ही फायदेमंद होती है यह रक्त को शुद्ध करता है इससे शरीर की त्वचा साफ हो जाती है।

बबूल का पेड़

दांत संबंधी समस्याओं में बबूल का उपयोग किया जाता है यह तो आप जानते ही होंगे लेकिन इसके अलावा बबूल का उपयोग कई सारी बीमारियों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। बबूल के पेड़ की पत्तियां, छाल, फूल और पेड़ से निकलने वाला गोंद बहुत ही फायदेमंद होता है।

बबूल पेड़ के फायदे

  • बबूल का दातुन करने से दांत स्वस्थ और मजबूत हो जाते हैं।
  • बबूल की पत्तियों को पीसकर गांव में लगाने से घाव जल्दी भर जाता है।
  • बबूल का पेस्ट बनाकर सिर में लगाने से बाल झड़ने की समस्या ठीक हो जाती है।
  • खाज खुजली और त्वचा सम्बंधित बीमारियों में भी अशोक पेड़ का उपयोग किया जाता है।

बरगद

बरगद का पेड़ अपने आप में बहुत ही विशालकाय होता है यह हमें ऑक्सीजन और छाँव देता है। बरगद का पेड़ धार्मिक दृष्टि से भी बहुत ही महत्वपूर्ण है इसके अलावा यह पेड़ हमारे देश का राष्ट्रीय वृक्ष है। लगातार बढ़ते रहने वाला यह पेड़ कई सारी औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

बरगद पेड़ के फायदे

  • बरगद पेड़ की पत्तियों के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • डायरिया में बरगद के पेड़ से निकलने वाले दूध का उपयोग करने से फायदा मिलता है।
  • दाद खाज खुजली में बरगद पेड़ की पत्तियों का लेप लगाने से लाभ मिलता है।
  • एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी माइक्रोबियल तत्व पाए जाने के कारण बरगद के पेड़ संबंधी रोगों में बहुत ही लाभकारी है।

आंवला पेड़

यह वृक्ष पूरे भारत में जंगलों तथा बाग-बगीचों में पाया जाता है। इस पेड़ की उंचाई 20-25 फीट होती है और यह एक झाड़ के सामान होता है। आंवले का फल हरा और पकने पर पीला दिखाई देता है। आंवले का तेल आपने अपने बालों पर जरुर लगाया होगा यह बालों को घना, मुलायम और मजबूत बनाता है। इसके अलावा आमला का उपयोग कई प्रकार के रोगों में किया जाता है।

आंवले के फायदे

  • आमला हमारे बालों सफ़ेद होने से बचाता है और जड़ से मजबूत बनाता है
  • गले की खरास में आंवले का चूर्ण लेने से फायदा मिलता है
  • पेट की समस्याओं जैसे अपच, कब्ज, दस्त, अम्लपित्त आदि में आंवला बेहद फायदेमंद होता है
  • आंवले की चटनी में शहद मिलाकर सेवन करने से लिवर की समस्याओं और पीलिया में लाभ मिलता है।

हमें उम्मीद है आपको औषधि देने वाले के नाम की सूची पसंद आई होगी। इन सबके अलावा आप किसी और औषधीय वृक्षों के बारे में जानते हैं तो हमें कमेंट करके जरुर बताएं।

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नोट: ऊपर दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है इसका उपयोग करने से पहले चिकित्सक से सलाह जरुर ले लेवें।

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