Om Banna Story in Hindi – रहस्यमय बुलेट जिसने सबको हैरान कर दिया

Om Banna Story in Hindi आज हम एक ऐसी सच्ची कहानी के बारे में बताने जा रहें हैं जिसने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। कहानी है राजस्थान के एक बुलेट 350 मोटरसाइकिल की जो कि अब लोगों के लिए एक भगवान बन गया है जिसे अब बुलेट बाबा के नाम से जाना जाता है।

आज हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से उस बुलेट के दर्शन के लिए आते हैं। हर राहगीर चाहे वह आम इंसान हो, पुलिसकर्मी हो या नेता हो हर कोई वहां से मत्था टेक कर ही गुजरता है।

यह कहानी जुडी हुई है ओम बन्ना नामक एक व्यक्ति से जो की अब इस दुनिया में मौजूद नही है।

तो चलिए जानते हैं बुलेट बाबा से जुड़े कुछ और रोचक जानकारियों के बारे में:

ओम बन्ना की कहानी (Bullet Baba – Om Banna Story in Hindi)

जोधपुर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाली से 20 कि.मी. दूर सड़क के किनारे यह बुलेट एक चबूतरे में स्थित है जिसे “बुलेट बाबा मंदिर” कहा जाता है इसके अलावा यह स्थान “ओम बन्ना” के नाम से भी प्रसिद्ध है।

पाली इलाके के चोटिला गाँव में ओम बन्ना (ओम सिंह राठौर) नाम का एक व्यक्ति रहता था जिसके पास 1988 के ज़माने में भी एक बुलेट 350 थी जिससे पता चलता है की उस व्यक्ति को मोटरसाइकिल बहुत पसंद थी।

बात 1991 की है ओम सिंह अपनी बुलेट लेकर ससुराल से अपनी घर की ओर लौट रहे थे तभी वे एक पेड़ से टकरा गये और इस दुर्घटना में उनकी तत्काल मृत्यु हो गयी।

लोग जब उस स्थान पर पहुंचे तब बुलेट देखकर तुरंत ही लोगों ने बन्ना को पहचान लिया क्योंकि उस जमाने में बहुत कम लोगों के पास बुलेट हुआ करती थी।

बात जब पुलिस तक पहुंची तो कुछ पुलिसकर्मीयों ने लाश को अपने कब्जे में ले लिया और बुलेट को थाने पहुँचा दिया।

पुलिस वाले तब हैरत में पड़ गये जब अगली सुबह वह बुलेट अपने स्थान से गायब थी। बहुत ढूढनें पर पता चला की बाइक उसी स्थान में है जहाँ पर एक्सीडेंट हुआ था। वापस उस बुलेट को थाने ले जाया गया लेकिन अगली सुबह फिर वैसा ही हुआ।

बुलेट वापस उसी जगह पर आगयी थी जहाँ पर हादसा हुआ था पुलिस वालों ने इसे लोगों की शरारत समझा और इसबार बाइक की पेट्रोल टंकी खाली करके थाने लेजाकर जंजीरों से बाँध दिया गया लेकिन इसके बाद भी बुलेट अपने-आप वापस उसी जगह पर आ खड़ी हो गयी जहाँ ओम बन्ना की मृत्यु हुई थी।

बार-बार होने वाली इस घटना ने लोगों को रोमांचित कर दिया, दूर-दूर तक इस चमत्कार की चर्चा होने लगी। बाद में पुलिस ने बुलेट को बन्ना के मृत्यु स्थल पर ही छोड़ दिया।

बाद में गाँव वालों ने उसी स्थान पर उस बुलेट के साथ ओम बन्ना की तस्वीर लगा कर पूजा-अर्चना करना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे यह एक आस्था का केंद्र बन गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार ओम बन्ना मंदिर में पूजा करने वालों की सुरक्षा स्वयं ओम बन्ना करते हैं।

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एक और अजीब बात यह है की उस स्थान पर पहले हमेशा दुर्घटनाएं होती रहतीं थीं लेकिन मंदिर बनने के बाद दुर्घटनाएं बहुत कम हो गयीं हैं।

लोगों के द्वारा ऐसा भी कहा जाता है की जो उस मंदिर को नजरअंदाज करता है उसका एक्सीडेंट होना तय है।

आज भी लोगों द्वारा रात में ओम बन्ना को उस स्थान पर देखे जाने का दावा किया जाता है।

इस बुलेट के आसपास फूल, माला, चुनरी, प्रसाद की दुकाने सजी हुईं हैं।

इस इलाके में तैनात पुलिसकर्मी जवान भी यहाँ माथा टेकने के बाद ही अपनी ड्यूटी पर जाते हैं।

बहरहाल मामला कुछ भी हो लेकिन अब उस भयंकर दुर्घटना क्षेत्र में दुर्घटनाएं बंद हो गयीं हैं जो उस रास्ते पर गुजरने वालों के लिए निश्चित ही एक अच्छी बात है भले ही इसके पीछे ओम बन्ना की पवित्र आत्मा हो या कोई दूसरी वजह।

आपको बुलेट बाबा ओम बन्ना की कहानी (Om Banna Story in Hindi) कैसी लगी हमें जरुर बताएं।

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